एक अदद पुल के लिए तरस रहे नौवागर्दन के लोग

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रिपोर्ट: विनोद विरोधी

बाराचट्टी (गया) सूबे की नीतीश सरकार विकास का चाहे जितना ढिंढोरा पीट ले ,राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि आश्वासन की घूंट पिला पिला दे, मगर हकीकत है कि प्रखंड मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित काहुदाग पंचायत का नौवागर्दन गांव के वासी महज एक पुल के लिए तरस रहे हैं ।जिसका खामियाजा आम नागरिकों से लेकर स्कूली बच्चों व प्रसव पीड़ा से कराह रही महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है ।बता दें कि इस गांव में करीब 2000 से भी अधिक आबादी है ,वहीं सुदूरवर्ती इलाकों के गांवों का संपर्क पथ भी है लेकिन गांव से होकर गुजरने वाली गोकुला नदी में कोई पुल नहीं रहने के कारण स्थानीय लोगों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है ।गांव के अनिल सिंह का मानना है कि आजादी के सात दशक बाद भी इस नदी पर पुल नहीं बन सका है जिसका खामियाजा नागरिकों को बरसात के मौसम में भुगतना होता है। बरसात में नदियों में उफान आ जाने पर स्कूली बच्चों को शिक्षा से वंचित होना पड़ता है ।वहीं प्रसव पीड़ा से करा रही महिलाएं दम तोड़ देती हैं । हालात यह हैं कि नदी पर बिजली का पोल बिछाकर जान जोखिम में डालकर लोग नदी पार कर रहे हैं। इस बाबत स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सांसदों, विधायकों व अधिकारियों से अनेक बार गुहार लगाई गई है। इसके बावजूद इस नदी पर अब तक कोई पुल नहीं बन सका है। ग्रामीण यह भी बताते हैं कि केंद्र व राज्य सरकार विकास के नाम पर प्रखंडों एवं गांवो में पानी की तरह रुपए बहा रही है ,लेकिन एक अदद पुल के निर्माण के लिए आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है ।जिससे स्थानीय लोगों में काफी असंतोष भी है।

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