राजद के प्रशिक्षण शिविर में अवसरवादीता का देंगे प्रशिक्षण नेता प्रतिपक्ष : अरविन्द सिंह

राजनीति

विवेक कुमार यादव

 

पटना : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अरविन्द कुमार सिंह ने कहा है कि नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव जी राजद के प्रशिक्षण शिविर में देंगे अवसरवादीता का प्रशिक्षण, स्वार्थी बनने का प्रशिक्षण, गठबंधन घोटाला का प्रशिक्षण, परिवारिक कैद में पिता को रखने का प्रशिक्षण, और अत्याचार, भ्रष्टाचार और घोटाला करने का प्रशिक्षण, भाई से बेईमानी का प्रशिक्षण घोटालों के द्वारा अर्जित संपत्ति पचाने का प्रशिक्षण। जब बिहार की जनता बाढ़, सुखाड़, आपदा, और कोरोना जैसे भयंकर महामारी की चपेट में आ जाए तो नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव जी कैसे बिहार से पलायन कर जाते हैं दिल्ली। और वहां मॉल में आनंद से जीवन व्यतीत करते हैं, इन सब अनुभवों का कहानी अपने प्रशिक्षण शिविर में अपने कार्यकर्ताओं को सुनाएंगे। उड़न खटोले में कैसे जन्मदिन मनाया जाता है, इसका भी वह कहानी अपने प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं को बताएंगे। और कार्यकर्ताओं को परिवारिक लाभ और और भाई से बेईमानी से सत्ता हथियाने का गुर सिखाएंगे।

 

श्री अरविन्द ने कहा की दूसरी तरफ सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो श्री लालू प्रसाद यादव जी के द्वारा भी घोटाला करने, बड़े बेटा से बेईमानी करके छोटे बेटा को राज्य सौंप कर के कैसे इतने संपत्तियों का बिना रोजगार के मालिक बनने का गुरूर सिखाएंगे।

 

सत्ता पर बात बना करके काबिज होने का अनुभव बताएंगे और बिहार को बदहाल कैसे किया जाता है, और जनता को ठग करके वोट कैसे लिया जाता है। बिहार में अपने सरकार में हुए अत्याचार भ्रष्टाचार नरसंहार करने का प्रशिक्षण देंगे जेल यात्रा के भयंकर अनुभव बताकर, राजद सुप्रीमो आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर बिहार के गांव गांव गलियों में भेजेंगे।

 

उतना ही नहीं बिहार में रोजगार के नाम पर जो अपहरण उद्योग चलते थे, महिला उत्पीड़न और व्यापारी और डॉक्टर को पलायन करने कि कहानियां और  रोजगार के अभाव में बेरोजगारी में मजदूरों को बिहार से बाहर पलायन, एवं चरवाहा विद्यालय खोलने की कहानी यह सब खट्टे मीठे अनुभव प्रशिक्षण शिविर में राजद कार्यकर्ताओं को आदरणीय राजद सुप्रीमो जी के द्वारा बताया जाएगा।

 

राजद शासनकाल में चिकित्सा के नाम पर अस्पतालों में कुत्ते बेड पर सोते थे। और अस्पताल मे भैंस बांधी जाती थी। यह सब का भी अनुभव वह बताएंगे, थानों में फरियादी का केस दर्ज नहीं होता था, दलित उत्पीड़न का भी अनुभव वें सुनाएंगे।

 

जिससे वो प्रशिक्षण शिविर में लिए हुए प्रशिक्षण से पूरे बिहार को एफआईआर के तगमों और हरा गमछा के लाइसेंस से सुशोभित राजद कार्यकर्ता बिहार मे घुम घुम करके बिहार की जनता को त्राहिमाम कराएं।

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