एक शिक्षक के भरोसे उच्च विद्यालय, ऐसे में कैसे संवारेंगे बच्चों का भविष्य

टेक ज्ञान

श्रवण आकाश, खगड़िया

खगड़िया : जिले के परबत्ता प्रखण्ड अंतर्गत सार्वजनिक उच्च विद्यालय, तेमथा में शिक्षकों की स्थिति एकदम दयनीय। यहाँ नवम क्लास में कुल 150 छात्र- छात्राएं और दशम क्लास में कुल 222 छात्र- छात्राऐं नामांकित है। जहाँ बिहार सरकार के द्वारा विश्व महामारी कोरोना गाइडलाइन के पुरी नियमें जैसे मास्क, सोनेटाइजर और समाजिक दुरी आदि सभी नियमें वर्ती जा रही है। लेकिन बड़े ही दु:ख की बात ये है कि सार्वजनिक उच्च विद्यालय तेमथा में मात्र एक शिक्षक के अलावे कोई भी शिक्षक या प्रधानाध्यापक नहीं है। विद्यालय में उपस्थित शिक्षक सुनिल कुमार ने बताया कि यहाँ कुल 3 शिक्षक थे, जिसमें दो शिक्षक बालमुकुंद बिहारी और श्रीमती रंजना सिंहा निलंबित चल रहे हैं और शिक्षा पदाधिकारियों के पास भेजें गए आवेदन पर भी कोई एक्सन नहीं ले रहे हैं। अंततः मजबूर होकर शिक्षक सुनिल कुमार आॅफिस का कार्य और बच्चों की पढ़ाई दोनों खुद कार्य खुद कर रहे हैं।

आखिर इस तरह से कैसे कुल 322 बच्चों की पढ़ाई संभव है? कैसे इतने सारे नामांकित छात्र छात्राऐं सभी विषयों की शिक्षा प्राप्त करेंगे ? क्या होगा इन सभी गरीब बच्चों की भविष्य ? जहाँ सिर्फ एक घंटी क्लास व एक विषयों की पढ़ाई होती है। इतना ही नहीं जानकारी के मुताबिक़ शिक्षक का कहना है कि यहाँ एक दिन लड़कियों और एक दिन लड़के की पढ़ाई होती है। क्या इस तरह से विद्यालय की शिक्षा ब्यवस्था संभव है।

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