कर्मचारियों के सुस्ते कार्य से चंद रुपयों के लिए मोहताज सरकारी शिक्षक

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श्रवण आकाश, खगड़िया

खगड़िया जिला अंतर्गत परबत्ता प्रखण्ड के सार्वजनिक रामावती उच्च विद्यालय, तेमथा के प्रधानाध्यापक बालमुकुंद बिहारी निलंबित की उपविकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद, खगड़िया के पत्रांक संख्या 274 दिनांक 13 जून 2020 से निलंबित है. निलंबन होने की करीब सात महीने हो गया है . मात्र दो महीने का जीवन यापन भत्ता मिली है.निलंबन के पुर्व अप्रैल 2020 से ही वेतन बंद हैं . बिहार शिक्षा समिति अनुसार निलंबन की अवधि की ज्यादा समय तक नहीं रखा जा सकता है . बालमुकुंद बिहारी के द्वारा निदेशिक माध्यमिक शिक्षा पटना, बिहार के कार्यालय आदेश से परियोजना माध्यमिक शिक्षा 05/2006-446 ‘पी’ पटना दिनांक 24 जून 2008 के द्वारा उपरोक्त शिक्षिका की पत्र में वर्णित शर्तों के आधार पर सेवा मान्यता दी गई है जो कि अप्रशिक्षित शिक्षक अपने खर्च पर तीन वर्षों के अंदर प्रशिक्षित हो लें . अन्यथा दी गई सेवा समाप्त कर दी जायेगी . जिसमें प्रधानाध्यापक बालमुकुंद बिहारी को ये अप्रशिक्षित शिक्षका रंजना सिन्हा का वेतन भुगतान करना वित्तीय अनियमितता उत्पन्न करता . निवर्तमान जिला शिक्षा पदाधिकारी खगड़िया के द्वारा रंजना सिन्हा का लंबित वेतन भुगतान नंवबर 2016 से फरवरी 2020 का मामला था . वह जबकि अद्यतन अप्रशिक्षित है . निलंबित शिक्षक बालमुकुंद बिहारी नियोजित के द्वारा जब इस तथ्य को उजागर किया है तो निदेशक मा० शि० बिहार के कार्यालय क्रमांक मा० शि० परियोजना 05/2013/1286 दिनांक 31 अगस्त 2020 से निलंबित है . दर असल निवर्तमान जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा बिलविपत्र पर हस्ताक्षर करने हेतु मौखिक दबाव बनाकर करवाना चाहती थी और इस साजिश के तहत बालमुकुंद बिहारी को निलंबित करते हुए श्रीमती रंजना सिन्हा को प्रभार देकर लंबित वेतन भुगतान करवा दिया गया है . जिसमें प्रधानाध्यापक बालमुकुंद बिहारी निलंबित में कार्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी खगड़िया बनाया है . आज वेतन अभाव के कारण बच्चे का ट्यूशन फीस माँ बाप जो बीमार है, जिसे दवाई के लिए भी पैसे नहीं है, एक एक रुपये के लिए मोहताज बना बैठे है .

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