यह नजारा चीन का नहीं बल्कि बिहार के राजगीर का है, भारत का पहला ग्लास ब्रिज बनकर तैयार

टेक ज्ञान

नालंदा : बिहार में नालंदा को पर्यटकों का बड़ा स्पॉट माना जाता है. यहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं. बिहार के सीएम नीतीश कुमार का भी नालंदा से विशेष स्नेह है. नालन्दा जिले के अंतरास्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में पूर्वोत्तर भारत का पहला ग्लास ब्रिज बनकर तैयार हुुुुआ है. इसका मकसद पहले से और ज्यादा देशी-विदेशी पर्यटकों को बढ़ावा देना है. इसके अलावा वेणुबन की भी अत्याधुनिक तरीके से सजावट की जा रही है, ताकि पर्यटक यहां आकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर सके.

चीन के हांगझोऊ प्रांत के में स्थित 120 मीटर ऊंचे कांच के पुल (Glass Bridge) की तर्ज पर ही इसका निर्माण किया गया है. पर्यटन विभाग अपनी इस योजना के तहत कई तरह की तैयारियां कर रहा है और इस योजना को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है. इसके तहत जू सफारी पार्क के अंदर नेचर सफारी पार्क का निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसमेें पूर्वोत्तर भारत के पहले ग्लास ब्रिज का निर्माण कार्य कराया गया है. जू सफारी पार्क में आकर्षित करने वाले दर्शनीय पार्क का निर्माण हो रहा है.

दरअसल बिहार का प्राकृतिक सौंदर्य राजगीर में जू सफारी पार्क में नेचर सफारी पार्क, तितली पार्क, आयुर्वेदिक पार्क, विभिन्न प्रजातियों के प्रसिद्ध देशी विदेशी पेड़ पौधे का दीदार करने के लिए अब नये साल में बिहारवासियों को सौगात मिलने वाला हैं. इसके तहत राजगीर में बिहार का पहला ग्लास ब्रिज बन कर तैयार हो चुका हैं. पार्क इतना अत्याधुनिक और शानदार होगा कि यह पूर्वोत्तर भारत का सबसे अत्याधुनिक जू सफारी पार्क होगा जहां पर तरह-तरह के जीव जंतु होंगे. बिहार समेत पूर्वोत्तर भारत के लिए यह खुशखबरी की बात है. सेंट्रल जू ऑथारिटी से भी जू सफारी पार्क को मान्यता मिल गयी है.

नये साल यानी 2021 में इसे आम जनता के लिए खोला जा सकता है. इसके साथ ही राजगीर में करोड़ो रुपये की लागत से ही विश्व शांति स्तुप पर चढ़ने के लिए पुराने रोपवे की जगह नये आठ शीटर बाली रोपवे का भी निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। उसे भी फरवरी महीने तक पर्यटकों के लिए खोले जाने की सम्भावना है.

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