खगड़िया: ईवीएम में बंद हुए 67 प्रत्याशियों के भाग्य, 10 नवंबर को परिणाम का इंतजार

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खगडिया : विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज समाप्त हो गया। चारों विधानसभा में शाम 6 बजे तक कुल 56.10 प्रतिशत मतदान हुआ। इसी के साथ मंगलवार की शाम जिले के चारों विधानसभा के 67 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया है। फैसला 10 नवंबर को होगा। पता चलेगा कि किसके सर पर विधायकी का ताज सजेगा तथा किसे मायूस होना पड़ेगा।

खगड़िया विधानसभा में इस बार चुनाव में कुल 21 प्रत्याशी मैदान में हैं। जदयू के निवर्तमान विधायक व प्रत्याशी पूनम देवी यादव की जीत की राह इस बार आसान नहीं दिखा रहा। इनका मुकाबला एक तरफ लोजपा के रेणु कुशवाहा से है, तो दूसरी ओर महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी छत्रपति यादव से भी है। इसके अलावा जाप के मनोहर यादव और निर्दलीय ई. धर्मेंद्र भी मैदान में है। ये दोनों भी टक्कर देते दिखे। कुल मिलाकर मुकाबला बहुकोणीय जैसा लग रहा है।

वहीं परबत्ता विधानसभा की बात करें तो यहां कुल 15 प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला एनडीए के एनडीए के जदयू प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार और महागठबंधन के राजद प्रत्याशी दिगंबर चौरसिया के बीच है। परबत्ता विधानसभा से पिछले चुनाव में जदयू के आरएन सिंह ने जीत हासिल की थी। उन्होंने भाजपा के रामानुज चौधरी को हराया था। इस बार आरएन सिंह के बदले उनके पुत्र डॉ. संजीव कुमार जदयू से चुनावी मैदान में हैं। वे बीते चुनावों में अपने पिता आरएन सिंह के मुख्य रणनीतिकार रहे हैं। जबकि दिगंबर चौरसिया की कोई विशेष राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है। यहां लोजपा से आदित्य कुमार उर्फ बाबुलाल शौर्य भी मैदान में हैं। वे कल तक भाजपा में थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने बाद लोजपा का दामन साधा। डॉ. सजीव कुमार परबत्ता के विकास को नारा बना चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि दिगंबर चौरसिया को आधार वोट का भरोसा है। भाजपा कार्यकर्ताओं की बड़ी टीम डॉ. संजीव कुमार के साथ है।

वहीं अब अगर अलौली विधानसभा की बात कर लिया जाय तो यहां सुरक्षित विधानसभा सीट से इसबार निवर्तमान विधायक चंदन कुमार बिना टिकट रह गए। वे 2015 में राजद से इस सीट से जीत दर्ज कर विधायक बने थे। चंदन कुमार ने लोक जन शक्ति पार्टी के पशुपति कुमार पारस को 24470 वोटों के अंतर से हराया था। इस बार चुनाव में राजद ने उन्‍हें अपना प्रत्याशी नहीं बनाया। इस विधानसभा चुनाव में राजद ने निवर्तमान विधायक चंदन राम को बेटिकट कर रामवृक्ष सदा को टिकट देकर राजद का प्रत्याशी बनाया है। यह विधान सभा अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है। यहां से कुल 14 प्रत्याशी मैदान में है। जिसमें जदयू से साधना सदा को और लोजपा से रामचंद्र सदा के बीच त्रीकोणीय मुकबला है।

वही बेलदौर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां पर कुल 17 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। यहां भी मुकाबले त्रिकोणीय बनी हुई है। जिनमें एनडीए समर्थिक जदयू से पन्नालाल सिंह पटेल, महागठबंधन समर्थित कांग्रेस से चंदन यादव व लोजपा से मिथिलेश निषाद के बीच मुकाबले है।

बाहरहाल मतदान समाप्त होने के साथ ही जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के 11 लाख से भी अधिक मतदाताओं ने 67 प्रत्याशियों का भाग का फैसला ईवीएम में बंद कर दिया है। जिसका परिणाम 10 नवंबर को आनी है।

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