पूर्व सीएम को झेलना पड़ा ग्रामीणों का आक्रोश ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ को लेकर जमकर की नारेबाजी

राजनीति

रिपोर्ट :विनोद विरोधी

बाराचट्टी (गया)। पूर्व सीएम जीतन राम मांझी को उस वक्त ग्रामीणों का आक्रोश झेलना पड़ा जब वे बाराचट्टी विधान सभा क्षेत्र में हो रहे चुनाव को लेकर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रत्याशी व पूर्व विधायिका ज्योति मांझी के पक्ष में वोट मांगने सरवॉ बाजार पहुंचे । विदित हो कि जीटी रोड सुलैबट्टा से लेकर सरवा बाजार होते हुए लाडू डेमा तक जाने वाली सड़क की हालत काफी जर्जर है जिसको लेकर इलाके के लोग वोट बहिष्कार का निर्णय ले रखा है ।वोट बहिष्कार के निर्णय से अब तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रत्याशी क्षेत्र में नहीं पहुंच पाए हैं ।मतदान का समय नजदीक आने के बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के सुप्रीमो व पूर्व सीएम जीतन राम मांझी पहली बार यहां पहुंचे।

उनके पहुंचते ही स्थानीय ग्रामीणों ने घेर लिया और बैनर के साथ रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाना शुरू कर दिया और समूचे बाजार में घूमते रहे ।ग्रामीणों की मांग है कि अब तक इस क्षेत्र से जीतकर विधानसभा तक पहुंचने वाले प्रतिनिधियों ने बीते 10 साल के भीतर कभी झांकने तक नहीं पहुंचे ।उल्टे जब यहां के लोगों ने बीते वर्ष इसकी निर्माण की मांग को लेकर जीटी रोड जाम किया था तो यहां के दर्जनों लोगों पर मुकदमा ठोक दिया गया था। जिसका खामियाजा लोग आज तक भुगत रहे हैं ।गौरतलब है कि अति महत्वपूर्ण सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 से जुड़ा है, लेकिन जर्जर हालत के कारण लाखों मतदाता सड़क सुविधा से वंचित हैं तथा अनेक समस्याओं से जूझते रहे हैं । 2015 के बिहार विधानसभा के चुनाव में जदयू- राजद गठबंधन से पत्थर तोड़ने वाली विधायिका दिवंगत भागवती देवी की बेटी समता देवी को विधायक बनाया गया था। बाद में वह गठबंधन टूटने के कारण वह विपक्ष में चली गई ।किंतु उन्होंने भी इस सड़क के उद्धार के लिए कभी सदन में कोई आवाज नहीं उठाई जिसका परिणाम है कि उक्त निवर्तमान विधायक समता देवी से भी लोग खफा हैं और उसे भी सबक सिखाने के मूड में हैं।

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