बिहार के पूर्व सीएम सतीश प्रसाद सिंह का निधन, 5 दिनो के लिये बने थे सीएम

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पटना  :बिहार के नायक पू्र्व मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह का दिल्ली में निधन हो गया। सतीश प्रसाद कोरोना से संक्रमित हो गए थे, जिसके चलते उनका दिल्ली में इलाज चल रहा था। लेकिन पूर्व सीएम कोरोना से जंग नही जीत पाए और इस दुनिया से हमेशा के लिए विदा हो गए हैं। सतीश प्रसाद के निधन से बिहार में चुनावों की गरमागर्मी के बीच पूरा माहौल गमगीन हो गया है। बता दें, सतीश प्रसाद सिंह एक भारतीय राजनेता है और बिहार के मुख्यमंत्री भी रह चुके है। सतीश प्रसाद सिंह को बिहार के नायक के रूप में जाना जाता था। एक जनवरी 1936 को खगड़िया तात्कालीन मुंगेर जिले के चुकती गांव में जन्मे स्व सिंह ने 28 जनवरी 1968 को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और केवल 5 दिनो तक ही इस पद पर रहे।परबत्ता विधान सभा से पहली बार विधायक बनने वाले पहली बार ही मुख्यमंत्री बने और उसके बाद विधान सभा का चुनाव कभी नही जीता। इन्होंने पूरे 5 दिन तक बिहार का मुख्यमंत्री पद संभाला था। इनकी उम्र 89 साल थी। लेकिन इनके बिहार का मुख्यमंत्री बनने का किस्सा वाकई में बहुत जबरदस्त था।

 

पूरे देश में शोक की लहर

पूर्व मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। सतीश प्रसाद बीते कई दिनों से कोरोना से ग्रसित थे। ऐसे में आज उनका दिल्ली में निधन हो गया। बिहार में चुनावों के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री के निधन से राजनीतिक पार्टियां शोक में डूबी हुई हैं।

बात है सन् 1967 की, जब बिहार में चौथी विधानसभा के लिए चुनाव हुए थे। उस समय केंद्र में तो कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन राज्यों में कांग्रेस कमजोर पड़ रही थी। ऐसे में 1967 के चुनाव में कांग्रेस बिहार में बहुमत नहीं पा सकी।

तभी इसका परिणाम ये हुआ कि बिहार में पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार बनी। उस समय जनक्रांति दल में रहे महामाया प्रसाद सिन्हा को पहला गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन 330 दिनों तक सत्ता पर काबिज रहने के बाद उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी।

और उसी दौरान संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के नेता सतीश प्रसाद सिंह मुख्यमंत्री बनाए गए। लेकिन वह पांच दिन में हटा दिए गए। फिर इसके बाद बीपी मंडल को मुख्यमंत्री की शपथ दिलाई गई, मगर वे भी महज 31 दिन ही सीएम की कुर्सी संभाल सके। तो इस तरह बिहार में कुर्सी तो जमी रही, लेकिन उस कुर्सी पर बैठने वाले बार-बार बदलते रहे।

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