सम्राट अशोक की जयंती धूमधाम से मनाई गई

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रिपोर्ट :विनोद विरोधी

पटना ,20 अप्रैल। पटना स्थित पुरानी जक्कनपुर में शोषित समाज दल और अर्जक संघ के तत्वाधान में दल के केंद्रीय कार्यालय में अखंड भारत के संस्थापक तथा एशिया महादीप के सबसे बड़े भूभाग पर मानवता मूलक समरस समाज की स्थापना करने वाले सम्राट अशोक जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई और शोषित समाज दल के वरिष्ठ नेता व राष्ट्रीय महामंत्री माननीय रामचंद्र वर्मा की 75 वर्ष की उम्र में आज 20 अप्रैल 2021 को अकास्मिक निधन पर शोषित समाज दल और अर्जक संघ के लोगों ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इसकी अध्यक्षता पटना जिला प्रभारी अखिलेश कुमार ने किया।

इस कार्यक्रम का उद्घघाटन करते भारतीय मोमिन फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ महबूब आलम अंसारी ने कहा की अशोक बिंदुसार का पुत्र था, बौद्ध ग्रन्थ दीपवंश में बिन्दुसार की 16 पत्नियों एवं 101 पुत्रों का जिक्र है। अशोक की माता का नाम शुभदाग्री था। बिंदुसार ने अपने सभी पुत्रों को बेहतरीन शिक्षा देने की व्यवस्था की थी। लेकिन उन सबमें अशोक सबसे श्रेष्ठ और बुद्धिमान था। प्रशासनिक शिक्षा के लिये बिंदुसार ने अशोक को उज्जैन का सुबेदार नियुक्त किया था। अशोक बचपन से अत्यन्त मेघावी था। अशोक की गणना विश्व के महानतम् शासकों में की जाती है। बिंदुसार ने अशोक को तक्षशीला भेजा। अशोक वहाँ शांति स्थापित करने में सफल रहा। अशोक अपने पिता के शासनकाल में ही प्रशासनिक कार्यों में सफल हो गया था। जब 273 ई०पू० में बिंदुसार बीमार हुआ तब अशोक उज्जैन का सुबेदार था। पिता की बीमारी की खबर सुनते ही वह पाटलीपुत्र के लिये रवाना हुआ लेकिन रास्ते में ही अशोक को पिता बिंदुसार के मृत्यु की ख़बर मिली। पाटलीपुत्र पहुँचकर उसे उन लोगों का सामना करना पड़ा जो उसे पसंद नहीं करते थे।
शोषित समज दल के राज्य सचिव राकेश कुमार ने शोषित समाज दल के वरिष्ठ नेता व राष्ट्रीय महामंत्री माननीय रामचंद्र वर्मा जी को शत शत नमन किया और कहा की वर्मा जी का जाना दल के लिए अपूरणीय क्षति है और इनकी कमी दल में कोई पूरी नहीं की जा सकती। वर्मा जी अर्जक संघ से जुड़े हुए थे और अर्जक संघ के विचारों को दूर दूर तक पहुंचानेका काम किया। वर्मा जी अपने ग्राम बरांव के पूर्व प्रधान थे और शोषित समाज दल के सिद्धांतों और विचारों के साथ समझौता नहीं किया। वह अपनी अंतिम साँस तक सामंतवाद , पूंजीवाद , ब्राह्मणवाद व रूढ़िवादी के खिलाप संघर्ष करते रहे । मौके पर ई० रामानुज गौतम, ई. तप्पन कुमार, पंचम राम, जगदेव राम, मुकेश चौधरी, सुरेन्द्र प्र. गौतम, मजित, गोपाल कु., दिलिप कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।

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