विभागीय लापरवाही से नल जल योजना का काम अधूरा

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रिपोर्ट :विनोद विरोधी

बाराचट्टी गया: सूबे में सात निश्चय योजना के अंतर्गत नल जल योजना का पार्ट टू का काम शुरू हो चुका है तथा पार्ट वन की सफलता की वाहवाही लूटी जा रही है ।लेकिन हकीकत कुछ अलग ही बयां कर रही है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण इस योजना पर ग्रहण लग चुका है ।मामला स्थानीय प्रखंड के बुमेर पंचायत अंतर्गत हरैया गांव के वार्ड संख्या 13 का है ।जहां वर्ष 2016 में पीएचईडी के द्वारा 24 लाख रुपए की लागत से इस योजना की शुरुआत की गई थी ।योजना के अंतर्गत स्थानीय ग्रामीणों को फ्लोराइड जैसे भयावह बीमारी से बचाव के लिए गहरे नलकूप के माध्यम से पेयजल मुहैया कराने की योजना थी ।लेकिन विडंबना है कि विभागीय लापरवाही के कारण आज तक यह योजना लंबित है ।करीब 15 सौ बोरा सीमेंट जमकर पत्थर बन गया है तथा लोहे के लगे पाइप जंग खा रहे हैं ।वहीं टावर के नीचे बने कमरे टूट-फूटकर जीर्ण शीर्ण हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस योजना को अमलीजामा पहनाने की नियत से वार्ड में बोरिंग किया गया तथा दो मंजिला टावर भी बनाया गया। लेकिन इसके बाद ना तो नल जल की शुरुआत की गई और ना ही टावर की अन्य लंबित कामों को पूरा किया गया। परिणाम स्वरूप असामाजिक तत्व के लोग इसका दुरुपयोग करना शुरू कर दिया। टावर के भीतर लगाए गए मोटर की को भी ठेकेदार लेकर चला गया तथा बिछे हुए पाइप से दूसरे बोरिंग में मोटर डालकर अन्य लोग पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं ।ग्रामीणों ने बताया कि इस आशय की लिखित शिकायत तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी पंकज कुमार एवं राजद के पूर्व विधायिका समता देवी से की गई थी ।लेकिन आज तक कोई कार्रवाई भी नहीं हो सकी है ।इस सिलसिले में पीएचईडी के कनीय अभियंता से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि असामाजिक तत्वों ने बोरिंग में ईट डाल दिया है जिसके कारण काम रुक गया है। शीघ्र ही काम की शुरुआत की जाएगी ।उन्होंने अस्वस्थता के कारण काम बाधित होने की बात बताई ।विदित हो कि उक्त गांव पूर्णता दलितों का गांव है जहां के लोग गर्मियों में नदी में नालों का पानी पीकर जीवन गुजार रह होते हैं।

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