बिहार के कई गांवो का भ्रमण कर वापस लौटे बच्चे

टेक ज्ञान

रिपोर्ट : विनोद विरोधी

नाबालिगों ने ली वैकल्पिक खेती की तकनीक समेत अन्य जानकारियां

संस्था सहोदय के सौजन्य से कराया गया था भ्रमण

बाराचट्टी( गया)। बाराचट्टी के ऐतिहासिक महादलित गांव कोहवरी में संचालित संस्था सहोदय के सौजन्य से 6 नाबालिग बच्चों को बिहार के कई गांवों का भ्रमण कराया गया। बिहार परिभ्रमण के बाद वे सभी गुरुवार को देर शाम अपने गांव कोहवरी वापस लौट आए हैं। बिहार भ्रमण पर गए बच्चों ने सूबे के लखीसराय के दूरडीह, नवादा के सोखोदेवरा स्थित सर्वोदय आश्रम ,जमुई के केडिया तथा गया के मानपुर के खादी ग्रामोद्योग का परिभ्रमण किया। बच्चों के टीम का नेतृत्व कर रहे सहोदय के सचिव अनिल कुमार ने बताया कि 8 दिनों के परिभ्रमण कार्यक्रम में बच्चों ने लखीसराय के दूरडीह में स्थित वैकल्पिक खेती मसलन मंगला गार्डन, पानी में तैरती खेती, रैट ट्रैप ,बिल्डिंग तकनीकी जानकारी ली ।वही जमुई के केडिया में ग्रीनपीस के सौजन्य से बिहार का पहला जैविक खेती हो रहे गांव में बच्चों ने परिभ्रमण किया और वहां स्थित जीवामृत, केचुआ, ईकोसैेन टॉयलेट, गोबर गैस, सोलर कोल्ड स्टोरेज ,अमृत पानी के अलावा वहां के गांवों एवं खेती की जानकारी लिया ।इस दौरान बच्चों ने खूब मिलना जुलना, खाना, काम का अनुभव करना सीखा ।परिभ्रमण में बच्चों ने नवादा जिले के सोखोदेवरा स्थित सर्वोदय आश्रम में भी चल रहे जीरो टिलेज तकनीक से खेती, केंचुआ ,खाद ,ड्रिप सिंचाई की तकनीक ,गोपालन ,बकरी पालन, मुर्गी पालन, खादी व रेशम की कपड़ा बुनाई तथा चरखा के क्रियाकलापों की जानकारी ली। वहीं गया शहर के मानपुर में स्थित खादी ग्रामोद्योग मे प्राचीन गोशाला व मधुमक्खी पालन की भी जानकारी ली। इस दौरान बच्चों ने खूब मौज मस्ती की ।श्री कुमार ने बताया कि बच्चों की टीम में शामिल प्रमुख बच्चों में सुनील ,हर्ष ,आदित्य, प्रदीप ,रूपा और काजल शामिल थी जो सभी 8 से 10 साल के हैं।

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