अगुवानी-सुल्तानगंज पुल यात्रियों के लिए अभी सपना मात्र

टेक ज्ञान

श्रवण आकाश की रिपोर्ट

खगड़िया : गंगा घाट अगुवानी-सुल्तानगंज के बीच महासेतु बनने के बाद परिचालन के लिए कुछ ही माह शेष है। लेकिन एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कम्पनी एनएच 31 व 80 को महासेतु से जुड़ने वाले एप्रोच पथ का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो सका है। जबकि तत्कालीन जिला भूअर्जन पदाधिकारी शाहनवाज अहमद नियाजी जनवरी माह में ही पांच मौजा की जमीन का भूअर्जन कर एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कम्पनी के हवाले कर चुके हैं। इतना सब कुछ होने के बाद भी कंस्ट्रक्शन कम्पनी द्वारा एप्रोच पथ निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है। प्राप्त जानकारी अनुसार महासेतु का निर्माण बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 23 फरवरी 2014 को परबत्ता के केएमडी कॉलेज मैदान में इसका शिलान्यास किया गया था। 1710 करोड़ की लागत से फोरलेन महासेतु के अलवा एप्रोच पथ का निर्माण किया जाना है।

इसके अलावा डॉल्फिन वैधशाला, टॉल प्लाजा, पुल प्रदर्शनी, पैसेंजर अंडर पास आदि सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 9 मार्च 2015 को मोररका कॉलेज, सुल्तानगंज के मैदान से महासेतु निर्माण का कार्यारंभ मुख्यमंत्री द्वारा ही किया गया था। मार्च 2015 से ही कंस्ट्रक्शन कम्पनी रात दिन एक कर फोरलेन महासेतु निर्माण कराने में लगे हैं। बता दें कि राष्ट्रीय उच्च पथ-31 स्थित पसराहा (301-302 किलोमीटर) व मुंगेर-भागलपुर राष्ट्रीय उच्च पथ 80 स्थित सुल्तानगंज (109 +किलोमीटर) के पास फोरलेन सड़क का मिलान किया गया है। गंगा घाट अगुवानी सुल्तानगंज के बीच (2 लेन गुना 2 लेन) महासेतु का निर्माण कार्य शुरू है। महासेतु की लम्बाई करीब 3,160 किलोमीटर है। वही दूसरी ओर फोरलेन एप्रोच पथ की लम्बाई करीब 25 किलोमीटर है। आगामी मार्च 2020 तक इस महासेतु पर आवागमन शुरू करने का विभागीय निर्देश है।

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